सम्राट अशोक टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट पॉलिटेक्निक महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन ग्राम गोबरहेला में किया गया l समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विदिशा नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि, उद्योगपति एवं समाजसेवी श्री राकेश शर्मा जी अन्य अतिथियों के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी, शिक्षाविद लायन श्री के एन शर्मा जी, रासेयो के जिला संगठक डॉ. प्रवीण कुमार जगा, कानूनविद वकील श्री शशिकांत गौतम जी, वरिष्ठ पत्रकार श्री अरविंद शर्मा जी, समाजसेवी श्री के.के साहू जी आदि उपस्थित हुए l मुख्य अतिथि के रूप में श्री राकेश शर्मा जी ने कहा आपने गांव में आकर बहुत सी बातें अपने सीखी होगी लेकिन मैं एक और बात करना चाहता हूं आप सभी इंजीनियर हैं मैं भी इंजीनियर हूं मैंने मैकेनिक से बैचलर आफ इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की है लेकिन आप उद्यमिता के बारे में सोचें नौकरी करें अच्छी बात है लेकिन यदि उद्योग खड़ा करेंगे तो आप अनेकों लोगों को रोजगार दे पाएंगे आप विद्यार्थी जीवन में समाज सेवा के माध्यम से व्यक्तित्व का विकास कर रहे हैं यह सराहनीय है l जिला संगठक डॉ. प्रवीण कुमार जगा जी ने कहा राष्ट्रीय सेवा योजना का विद्यार्थी अनुशासन, चरित्र निर्माण, टाइम मैनेजमेंट और नेतृत्व क्षमता इस योजना के माध्यम से सीखना है यही गुण राष्ट्र निर्माण के लिए जरूरी होते हैं स्वयं का व्यक्तित्व का विकास समाज के व्यक्तित्व का विकास करता है l राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम एक स्वयंसेवक के रूप में बहुत आगे जा सकता है ऐसे अनेक उदाहरण है जो भारत सरकार की नौकरियों में राज्य सरकार की नौकरियों में ऊंचे पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं l बहुत से विद्यार्थी कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में परेड करने जाते हैं, राष्ट्रीय सेवा योजना के राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित होते हैं स्वयंसेवक लगन और मेहनत के आधार पर विदेश की यात्राएं भी करते हैं और यह वही स्वयंसेवक कर सकता है जो स्वयं अनुशासित हो और नेतृत्व क्षमता का विकास करता हो इस सात दिवसीय शिविर के माध्यम से अपने इन सब बातों को अच्छे से समझा होग, सीखा होगा यह योजना आपके सर्वांगीण विकास के लिए है आपके पास जो डायरी है यह डायरी आपको सब कुछ सिखाती है राष्ट्र भावना के प्रति जाग्रत करती है इस डायरी में बहुत सारे गीत है जो आपके अंदर एक जोश भरने का काम करते हैं आप सभी बधाई के पात्र हैं बहुत अच्छे ढंग से अपने शिविर को संचालित किया है सभी को बधाई l वरिष्ठ समाजसेवी श्री के एन शर्मा जी ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना एक अनवरत यात्रा है जिससे विद्यार्थी अपने जीवन को परिवर्तित करता है उन्होंने कहा कि जीवन में यदि आपकी किसी ने मदद की है तो हमें कभी नहीं भूलना चाहिए हमें उसका ऋणी रहना चाहिए उन्होंने एक गीत दोहराया l देश हमें देता सब कुछ हम भी तो कुछ देना सीखें यह गीत राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य वाक्य को चरितार्थ करता है जिसमें कहा गया है नोट मी वट यू मैं नहीं आप हम दूसरों को कार्य का क्रेडिट देना सीखें यही राष्ट्रीय सेवा योजना है l वरिष्ठ पत्रकार श्री अरविंद शर्मा जी ने कहा कि मैं जब पढ़ता था मैंने भी राष्ट्रीय सेवा योजना का शिविर किया है यह योजना पढ़ाई के साथ-साथ आपके जीवन जीने की कला सिखाती है इस योजना की शिविर दिनचर्या सुव्यवस्थित है जिसमें आप पाएंगे की जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करना है तो हमें निरंतर प्रयास करते रहना है निरंतर लगे रहना है इस दिनचर्या में आपको दिखाई देता है सुबह उठने से लेकर रात्रि सोने से पहले तक यह दिनचर्या हमको व्यस्त रहना और कार्य करना सिखाती है यदि हम व्यस्त रहेंगे मेहनत करेंगे तो हमारे जो भी लक्ष्य हैं वह निश्चित रूप से प्राप्त होंगे l शिविर की पूर्व संध्या पर संस्था प्राचार्य डॉ. नवीन गोयल जी ने विद्यार्थियों से संवाद कर शिविर के बारे में जाना और उन्होंने कहा की यह भी एक आपके जीवन को परिवर्तित करने वाली शिक्षा है आप अपने इंजीनियरिंग का पाठ्यक्रम तो पढ़ते ही है लेकिन साथ ही यह राष्ट्रीय सेवा योजना की शिक्षा जीवन में आने वाली चुनौतियों से लड़ना सिखाती है इस गांव में आकर शिविर के माध्यम से आपने ऐसी बहुत सारी बातें सीखी होगी जो आपने पहले कभी अनुभव नहीं किया होगा इस शिविर में प्रत्येक विद्यार्थी को मंच मिलना प्रत्येक विद्यार्थी को अलग-अलग गतिविधियों में रोज शामिल होकर जो भी टास्क दिए जाते हैं उन्हें समय में पूरा करने होते हैं तो यहां पर टाइम मैनेजमेंट और नेतृत्व क्षमता और केस स्टडी जैसी चीजें सीखने को मिलती है l इतिहासकार एवं समाजसेवी श्री गोविंद देवलिया जी ने विदिशा की विरासत पर चर्चा करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी इतिहास से दूर होती जा रही है विदिशा ऐतिहासिक स्थली रही है विदिशा का इतिहास एक गौरवशाली इतिहास रहा है युवा पीढ़ी को जानना बहुत जरूरी है उन्होंने कहा आपके ही संस्थान से नोबेल पुरस्कार विजेता श्री कैलाश सत्यार्थी जी ने अध्ययन किया और इस शहर का नाम पूरी दुनिया में उन्होंने रोशन किया एक और इतिहास हमारे विश्व में बना अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम 9 माह तक अंतरिक्ष में रही जिनके पूर्वज इसी विदिशा शहर के किले अंदर निवासी थे आज प्रतिस्पर्धा का युग है विद्यार्थियों का यह दायित्व बनता है कि वह अपने पढ़ाई के साथ-साथ सामान्य ज्ञान की जानकारी अवश्य रखें उन्होंने कहा शिविर को बहुत ही अनुशासित तरीके से संचालित किया जा रहा है आप सभी को बहुत-बहुत बधाई l शिक्षक एवं वास्तुकला एवं संस्कृत के प्रकांड विद्वान शिव कुमार तिवारी जी ने कहा कि मैं भी राष्ट्रीय सेवा योजना का छात्र रहा हूं l मैंने भी बी सर्टिफिकेट प्राप्त किया है उन्होंने कहा यह पूरी पृथ्वी ऊर्जा से संचालित होती है जितनी भी जीवो में, पेड़ पौधों में क्रियाएं होती हैं कहीं ना कहीं किसी ऊर्जा का संवहन होकर ही संचालित होती हैं उन्होंने कहा कि हमारे घर का मुख पूर्व की तरफ क्यों होना चाहिए इसको वास्तु कला से हमने क्यों जोड़ा पूर्व की तरफ घर का मुख होने का मतलब है की सूर्य की किरणें ऊर्जा स्वरूप आपके घर को रोशन तो करती ही हैं दिव्य प्रकाश से घर के अंदर एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है l इन सब के पीछे वैज्ञानिक कारण हैं जिसे जानना अति आवश्यक है l सभी अतिथियों का स्वागत उद्बोधन कार्यक्रम अधिकारी श्री बृजेश प्रजापति ने दिया कार्यक्रम का संचालन आयुष मिश्रा एवं सनत विश्वकर्मा ने किया छात्र अतिथि हरिओम मिश्रा एवं कुमारी तनुश्री असाटी रहे इस सात दिवसीय विशेष शिविर के दौरान उद्देश्य अनुसार सुबह 5:30 से लेकर रात 10:30 बजे तक कई गतिविधियां आयोजित की गई जिसमें सुबह प्रभात फेरी, पी टी, योग एवं श्री रामचंद्र मिशन हार्टफुलनेस संस्था द्वारा तीन दिन का ध्यान सत्र आयोजित किया गया इस दौरान रिलैक्सेशन एवं क्लीनिंग के बारे में विस्तार से जिला कोऑर्डिनेटर श्री देवेंद्र रिछारिया जी, हार्टफूलनेस प्रशिक्षक श्री राम तिलक जी, श्री पचौरी जी एवं श्रीमती चित्रलेखा तिलक ने कराया l उन्होंने बताया कि तनाव से बचने के लिए हमें रिलैक्सेशन करना चाहिए और दिनभर हम जो भी कार्य करते हैं उनकी हमारे हृदय में छापे ना बने इसलिए हमें रोज शाम को अपने कार्यों से निवृत होकर ध्यान सफाई करना चाहिए और सुबह-सुबह संभव हो सके तो ब्रह्म मुहूर्त में ध्यान साधना भी करना चाहिए इससे हमारे भौतिक शरीर एवं मन का बैलेंस होने लगता है हमारी एकाग्रता बढ़ती है याददाश्त एवं पूरा शरीर बैलेंस होने लगता है l इसके बाद सुबह का नाश्ता, श्रमदान में परिसर स्वच्छता, गांव की गलियों की स्वच्छता, सोख्ता गुड्ड डंडडों का निर्माण, श्रम सीकर जिसमें विद्यार्थियों को बताया गया की श्रम का महत्व क्या होता है और सीकर मतलब पसीना यदि आप मेहनत करके भोजन करते हैं तो उस श्रम का मूल्य हमको पता चलता है श्रम सीकर सत्र में राष्ट्रीय सेवा योजना का पाठ्यक्रम पढ़ाया गया, राष्ट्रभक्ति गीतों को दोहराया गया उसके बाद दोपहर का भोजन एवं स्नान तदुपरांत बौद्धिक सत्र जिसमें अनेकों विषयों पर चर्चा हुई शाम 5:00 बजे राष्ट्रीय सेवा योजना के भाईचारा बढ़ाने वाले खेल खेले गए जिसमें रूमाल झपट्टा, कितने भाई कितने भाई, राम रावण आदि खेलों के माध्यम से मनोरंजन किया गया l इसके बाद चाय और ग्राम संपर्क ग्राम संपर्क में रैंडम घरों का सर्वे किया गया जिसमें अनेको प्रश्न पूछे गए स्वास्थ्य से संबंधित, शिक्षा से संबंधित, रोजगार से संबंधित, शासन की विभिन्न योजनाओं से संबंधित पूछ कर एक डाटा तैयार किया गया इसके बाद समितियो की ग्रुप लीडर के साथ बैठक जिसमें दिनभर किए गए कार्यों की समीक्षा इसके बाद रात्रि भोजन और दिन भर की अंतिम गतिविधि सांस्कृतिक कार्यक्रम जिसमें विद्यार्थियों को मंच देना और विद्यार्थियों के अंदर छुपी हुई प्रतिभा को मंच पर लाना इस मंच के माध्यम से विद्यार्थियों ने अनेक को सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए नाटक का मंचन किया इस ग्रामीण संस्कृति को भी समझने का अवसर मिला गांव की भजन मंडली ने भक्ति में गीतों की प्रस्तुति प्रदान की इस 7 दिन दिवस के दौरान केमिकल के व्याख्याता श्री दिलीप यादव जी ने अपना बहुमूल्य योगदान प्रदान किया इसमें विद्यार्थियों के नेतृत्व विकास को पहचाना एवं सही दिशा प्रदान करना महिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती वैजयंती माला नायक ने सातों दिन रहकर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई इस दौरान शिविर नायक के रूप जिन्होंने अमरकंटक में आयोजित स्टेट कैंपर रोहित साहू ने पूरे कैंप को लीड किया इस दौरान वरिष्ठ स्वयंसेवक एवं नायक आयुष मिश्रा हरिओम मिश्रा एस तुरकर पुष्पेंद्र सिंह सपना सिलावट मोनिका सिलावट एवं उपस्थित स्वयंसेवको ने संपूर्ण शिविर को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई l